Sunday, September 4, 2011

हंसमुखजी को ठण्ड लग गयी

176-1-02-11

हंसमुखजी
को ठण्ड लग गयी
जुखाम,बुखार,सर और 
बदन में दर्द हो गया
क्या करें?  
समझ नहीं आ रहा था
तभी पड़ोस के
बब्बू भाई का आना हुआ
उनसे पूंछा गया
क्या किया जाए
 जवाब में
एक गोली और पानी का
गिलास आया
हंसमुख जी ने
गोली निगली
 बब्बू भाई के लिए
दिल से दुआ निकली
थोड़ी देर में उन्हें
खुजली होने लगी
इतने में बेटा आया
उसे तकलीफ बताई
बेटे ने गोली का
नाम पढ़ा
माथा अपना पकड़ा
दवाई से एलर्जी थी
फौरन एक गोली 
उसने टिकाई
खुजली से मुक्ती मिलेगी
आशा जताई
थोड़े समय बाद
हंसमुखजी के पेट में
गुड्गुडी होने लगी
शौचालय की याद 
सताने लगी
शौचालय से बाहर
निकल
अपने मित्र
राय साहब को
फ़ोन किया
हालात का बखान 
किया
राय देने का 
निमंत्रण दिया 
राय साहब ने 
यूनानी
काढ़े का नाम 
बताया
उसे ना फेल 
होने वाला
राम बाण बताया
इंतजाम करवाया
गया
 हंसमुखजी का
आना जाना होता 
रहा
शरीर टूट गया, 
बुखार बढ़ गया
दर्द के मारे हाल 
बुरा हो गया
काढा आया, 
उसे पिया गया
दस मिनिट बाद
उल्टी का सैलाब 
आया
बचा खुचा दम
निकल गया
सामने वाले घर से
बैद जी के भतीजे
कालू भाई को
बुलवाया
उसने तत्काल
सरसों के तेल में
चूरन मिला कर
पिलाया
मुंह में रखने को 
हरड का
टुकडा दिया
हंसमुखजी को बेहतर
लगने लगा
आफत टल गयी
ऐसा प्रतीत होने
लगा
फिर मत पूछों
क्या हुआ
शरीर कांपने लगा
मुंह से झाग,
शरीर से पसीना 
आना शुरू हुआ
बेहोशी का दौरा
आया
   घर में कोहराम 
मच गया
अस्पताल फ़ोन किया
ऐम्बूलेंस बुलवाया
आई सी यू में
भरती करवाया
अब ठीक हैं
स्वास्थ्य लाभ कर
रहे हैं
निरंतर प्रचार भी 
कर रहे हैं
इलाज के मामले में
सिर्फ डाक्टर की
सलाह मानने का
उपदेश भी दे रहे हैं
साथ ही ज्ञान
बघार रहे हैं
देश में जनसंख्या 
से ज्यादा
राय देने वाले हैं
उनसे बच कर 
रहने की
बहुमूल्य नसीहत भी
दे रहे हैं
01-02-2011

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