Monday, September 5, 2011

नेताओं को एक जगह इकट्ठा करा दे आपस में भिड़ा दे

एक
शेर जंगल में
एक नेता के सामने पडा
नेता को देख
जोर से रोने लगा
फिर घबरा कर भाग गया
एक पत्रकार को घटना का
पता लगा
उसने शेर को ढूंढा
साक्षात्कार उस का लिया
रोने,घबराने का कारण पूंछा
शेर सहमते हुए बोला
सिर्फ नेताओं से घबराता हूँ
कब सत्ता पलट दे
डरता हूँ
जंगल में अमन शांती है
कब दंगा करा दें
जानवरों को दल बदलवा दें
रिश्वत खा कर जंगल
लुटवा दें
निरंतर,किस्से इनके हूनर के
सुने है
अपने देश को नहीं छोड़ा
जंगल को क्या ख़ाक छोड़ेंगे
इसलिए घबराता हूँ
परमात्मा से रोज़ प्रार्थना
करता हूँ
इनका अलग देश बसा दे
नेताओं को एक जगह
इकट्ठा करा दे
आपस में भिड़ा दे
इनकी दवा से इनका ही
इलाज करा दे
22-11-2010

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