Tuesday, September 13, 2011

छ घंटे एक टिकट में दिल खुश करता हूँ(हास्य कविता)

हँसमुखजी
रोज़ क्रिकेट मैच
देखने जाते थे
उनके दोस्त उनके
नए शौक से अचंभित थे
एक दिन उनके दोस्त ने
उनसे पूछा
हँसमुखजी
सचिन कैसा खेला
हँसमुखजी बोले पता नहीं
ज़हीर की गेंदबाजी
कैसी लगी
हँसमुखजी बोले पता नहीं
चलो इतना ही बता दो  
किसका खेल
आप को सबसे ज्यादा
पसंद आया
हँसमुखजी बोले
मैंने मैच देखा ही नहीं
इसलिए बता नहीं सकता
दोस्त आश्चर्य से बोला
फिर निरंतर मैदान में
क्या करने जाते हो
हँसमुख जी बोले
अरे मूर्ख क्रिकेट
कौन देखने जाता है
मैं तो चीयर लीडर्स
देखने जाता हूँ
छ घंटे एक टिकट में
दिल खुश करता हूँ
13-09-2011
1499-71-09-11

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